विदाई
दिनाँक - 31/12/2020
दिन - गुरुवार
विषय - *विदाई*
विधा - सरसी छंद गीत , 16/12
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खट्टी-मीठी यादों को दे , चला वर्ष यह बीस ।
आने वाला वर्ष सुखद हो , कृपा करो जगदीश ।।
महाकाल कोरोना बनकर , दिया सभी को पीर ।
किया सामना मगर मनुज ने , धारण करके धीर ।
जाने कितने प्राण हरण कर , बना साल यह क्रूर ।
मगर मनुज की बुद्धि शक्ति से , हुई समस्या दूर ।
करो विदाई अब कष्टों की , उन्हें झुकाकर शीश ।
खट्टी-मीठी यादों को दे , चला वर्ष यह बीस ।।
उथल-पुथल से भरा हुआ यह , साल दिया यह ज्ञान ।
संघर्षों का करो सामना , तभी मिले अवदान ।
सुख-दुख चलते साथ सदा ही , सत्य यही स्वीकार ।
वर्ष बीस की सुखमय घड़ियाँ , निज मन लेना धार ।
जाते-जाते यह कर जाना , मिटे हृदय की टीस ।
खट्टी-मीठी यादों को दे , चला वर्ष यह बीस ।।
अच्छे मन से करें विदाई , लेकर नूतन आस ।
गमन करो अब वर्ष पुरातन , लाओ नया उजास ।
परिवर्तन की बेला आई , रखो अटल विश्वास ।
सुखमय यह संसार बनेगा , नया वर्ष है खास ।
हृदय खोलकर सभी करें अब , स्वागत सन इक्कीस ।
खट्टी-मीठी यादों को दे , चला वर्ष यह बीस ।।
*इन्द्राणी साहू"साँची"*
भाटापारा (छत्तीसगढ़)
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