शिवशंकर

गीत

जय जय महेश जय नीलकंठ,  जय महादेव जय शिव शंकर।
जय उमानाथ मदनारि शिवम,
जय डमरूधर जय अभयंकर।।

जय एकलिंग जय भस्मलिप्त, जय भूत लुभावन नील वरण।
कंकन कुंडल केयूर सर्प, शोभा अनंत भव भीति हरण।।
डिम-डिम डिम-डिम डमरू निनाद, नट नाथ नटेश्वर प्रतिभंकर।
जय उमानाथ मदनारि शिवम,
जय डमरूधर जय अभयंकर।।

जय ज्ञान वापिका के प्रकाश, जय-जय हिमवंती उरविलास।
औषधि विज्ञानी दीनबंधु, जय वैद्यनाथ शुचि स्वस्थ हास।।
तन-मन-धन बचन कर्म से शुभ, शिव मलय-पवन शिव-मलयंकर।
जय उमानाथ मदनारि शिवम,
जय डमरूधर जय अभयंकर।।

तांडव प्रचंड गलमाल मुंड, जय व्याघ्रवक्त्र कर्पूरवर्ण।
शुभ नागफणी के कर्णफूल, से शोभित दोनो सौम्य कर्ण।।
जय विगत मोह जय वैरागी, जय रुद्ररूप जय प्रलयंकर।।
जय उमानाथ मदनारि शिवम,
जय डमरूधर जय अभयंकर।।

सितिकंठ शिखा पर नव मयंक,मस्तक में मंदाकिनि विहार।
कैलाश कंदरा में निवसित, हिम आच्छादित गिरि के उभार।।
जय परशुराम के गुरु गिरीश, गौरीश्वर जय छिति रूपंकर।
जय उमानाथ मदनारि शिवम,
जय डमरूधर जय अभयंकर।।

सब रोग हरो हे! वैद्यनाथ, सब हरो शोक हे! विगत शोक।
माया भ्रम काटो हे! महेश,मद मोह मयन को भी विलोक।।
ब्रह्मांड नियोजक निपुण नीति, नैतिक विहान के "नित्यं"कर।
जय उमानाथ मदनारि शिवम,
जय डमरूधर जय अभयंकर।।

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नित्यानन्द वाजपेयी 'उपमन्यु'

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